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    घर गुलज़ार,सूने शहर,
    बस्ती बस्ती मे क़ैद हर हस्ती हो गई
    आज फिर ज़िंदगी महँगी
    और दौलत सस्ती हो गई।


    भेजते रहीये
    अपनेपन के रंग
    एक दूसरे तक,
    मुलाक़ात चाहे
    जब भी हो,
    अपनेपन का
    एहसास तो रोज़
    महसूस होता रहे....
    स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें...


    मिट्टी के इतिहास में मिट्टी के खिलौने हैं
    खिलौनों के इतिहास में हैं बच्चे
    और बच्चों के इतिहास में बहुत से स्वप्न हैं
    जिन्हें अभी पूरी तरह देखा जाना शेष है

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    🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂 घर गुलज़ार,सूने शहर, बस्ती बस्ती मे क़ैद हर हस्ती हो गई आज फिर ज़िंदगी महँगी और दौलत सस्ती हो गई। भेजते रहीये अपनेपन के रंग एक दूसरे तक, मुलाक़ात चाहे जब भी हो, अपनेपन का एहसास तो रोज़ महसूस होता रहे.... स्वस्थ रहें, सुरक्षित रहें... मिट्टी के इतिहास में मिट्टी के खिलौने हैं खिलौनों के इतिहास में हैं बच्चे और बच्चों के इतिहास में बहुत से स्वप्न हैं जिन्हें अभी पूरी तरह देखा जाना शेष है 🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂🍃🍂
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